शोध प्राविधि:-सामाजिक विज्ञान अनुसन्धान (भाग – 4)

61. शोध प्रक्रिया में निहित चरण सुव्यवस्थित

सामग्री संकलन, – सामग्री विश्लेषण, – साहित्य सर्वेक्षण, – समस्या निर्धारण

62. सुमेलित

  • टूल्स ऑफ सोशलसाइंस                      –                 जॉनमैज
  • मौखिक जीवन का निष्क्रिय साक्षात्कार    –                 क्लाकोहन
  • रिसर्च मेथड्स इन द बिहेवियरल साइन्स  –                 फैस्टिंगर एवं कैटज
  • फील्ड प्रोजेक्ट फ़ॉर सोशियोलॉजी                   –                 विसमैन एण्ड एरोन

63. सही कथन

  • शोध अभिकल्प का संबंध सामाजिक शोधों से होता है
  • इसके द्वारा सामाजिक घटनाओं का सरलीकरण किया जाता है
  • शोध अभिकल्प शोध की प्रक्रिया के आगे आने वाली परिस्थितियों को जटिल बनाती है
  • इस शोध की रूपरेखा को शोध कार्य करने से पूर्व ही तैयार कर लिया जाता है

64. सही कथन

  • शोध अभिकल्प शोध समस्या पर आधारित होता है
  • यह माननीय श्रम तथा धन की बचत कर कार्य को सरल बनाती है
  • व्यवहारिक शोध एक ऐसी शोध विधि है जिसका उद्देश्य तत्कालिक अथवा दूरगामी महत्वकी व्यवहारिक समस्या का समाधान निकालना रहता है
  • प्रयोगात्मकशोध में शोधकर्ता एक अथवा अधिक स्वतंत्र चारों को परिचालित अथवा नियंत्रित करता है
  • शोध के विभिन्न रूपों में व्यवहारिक शोध से तात्पर्य ज्ञान की प्राप्ति वृद्धि तथा प्रमाणीकरण होता है

65. सही कथन

  • सामाजिक अनुसंधान के उद्देश्य सिद्धांत एवं व्यवहारिक दोनों हैं
  • कार्लपियर्सनका कथन है कि समस्त विज्ञान की एकता केवल उसकी पद्धति में है ना कि उसकी विषय सामग्री

66. वैज्ञानिक पद्धति की विशेषताएं

व्यक्तिनिष्ठाता, सत्यनशीलता, निश्चियात्मक

शोध प्राविधि:-सामाजिक विज्ञान अनुसन्धान (भाग – 3)

67. सही कथन

  • शोध अभिकल्प निर्माण के कुल 25 चरण है
  • इसके अंतिम चरण में ऐसा प्रावधान किया जाता है कि कर्मचारी एवं अध्ययन करता आपसी सामंजस्य एवं तालमेल स्थापित कर शोध कार्यों का संपादन करें
  • इसके 15 में चरण में आंकड़ों के वर्गीकरण के लिए उच्चश्रेणियों का चयन किया जाता है एवं उन्हें परिभाषित किया जाता है

68. सामाजिक शोध की आधारभूत मनाते हैं।

  • आदर्श प्रारूपों की संभावना होना।
  • सामाजिक घटनाओं मेंअनुक्रम या नियम होना।
  • प्रतिनिधि निदर्शन की संभावना का होना

69.  उपकल्पना के स्रोत हैं

(i) सादृश्यता (ii) सामान्य संस्कृति (iii) व्यक्ति का अनुभव

70. शोध अभिकल्प के निर्माण के क्रमबद्ध चरण–

  • अध्ययन समस्या का प्रतिपादन करना
  • वर्तमान शोध कार्य का शोध समस्या से संबंधित करना।
  • शोध कार्य की सीमाओं का निर्धारण
  • शोध क्षेत्र का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना

71. एक अच्छे शोध प्राक्कल्पना की पहचान उसकी कुछ विशेषताओं के आधार पर होती हैं एक अच्छी और उपकल्पना के गुण है।

(i) स्पष्ट (ii) पूर्व सिद्धांतों सेसम्बन्धता (iii) सर्वेक्षण द्वारा जांच

72. आगस्टा कॉम्टे के सामाजिक विज्ञान शोध प्रविधि के वैज्ञानिक पद्धति के चरणों के क्रमबद्ध

विषय का चुनाव – तथ्यों का संकलन – तथ्यों का वर्गीकरण – तथ्यों का परीक्षण – नियमों का प्रतिपादन

73. समाजशास्त्री ने परिकल्पना के उद्देश्य का वर्णन करते हुए कहा है कि “यह अनुसंधान हेतु दिशा प्रदान करती है तथा अनावश्यक साहित्य के अध्ययन से छुटकारा दिलाती है” – जॉर्ज जे मुले

74. “सामाजिक सर्वेक्षण किसी समुदाय विशेष के लोगों के जीवन-निर्वाह तथा कार्य की दशाओं के संबंध मेंप्रदातों का संकलन है।” – बोगाडर्स

प्रत्यायोजित विधान की वृद्धि के कारण

75. कथन (A) समाजशास्त्री जांच के परिणाम स्वरूप हमारी परिकल्पना की पुष्टि हो सकती है ऐसी स्थिति में हम उस सामान्य सैद्धांतिक ढांचे में जिससे इस विशिष्ट परिकल्पना का विकास किया गया था ज्यादा विश्वास करने लगते हैं।

कारण (R) सामान्यतयापरिकल्पना को ना तो पूरा समर्थन दिया जाता है और ना उन्हें पूरी तरह रद्द किया जाता है।

A और R दोनों सही है, तथा R, A की सही व्याख्या है।

76. कथन (A) प्रशासनिक समस्याओं के संबंध में होने वाला अनुसंधान परिचालन अनुसंधान के अंतर्गत है।

कारण (R) किसी समुदाय की विशेषताओं को ध्यान में रखकर सामुदायिक प्रयास क्रियात्मक अनुसंधान है।

  • A और R दोनों सही है, परन्तु R, A की सही व्याख्या नही है।

77. कथन (A) सामाजिक अनुसंधान पुरातन तथ्यों का सत्यापन करना नवीन तथ्यों कोउद्धारिता का ज्ञान प्राप्ति का साधन है।

कारण (R) मानव जीवन विचारों का परिणाम होता है।

A सही है, किन्तु R गलत है

78. कथन (A) वैज्ञानिक विधि का कार्य प्रकृति की होने वाली घटनाओं का निरीक्षण करना होता है।

कारण (R) परिकल्पना के आधार पर कुछ भविष्यवाणी की जाती है।

  • A और R दोनों सही है, परन्तु R, A की सही व्याख्या नही है।

79. कथन (A) एक शोधकर्ता को अत्यंत धैर्य और आत्म नियंत्रण होना चाहिए।

कारण (R) अनुशासनहीनता कल्पना से अभिभूत है।

  • A सही है, किन्तु R गलत है

80. कथन (A) अनुसंधान की प्रक्रिया है, निरीक्षण

कारण (R) निरीक्षण के लिए सूक्ष्मदर्शी एवं दूरदर्शी उपयोग होता है।

  • A और R दोनों सही है, परन्तु R, A की सही व्याख्या नही है।

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