शोध प्रारूप तथ्य संकलन की विधियाँ (भाग – 6)

शोध प्रारूप तथ्य संकलन की विधियाँ (भाग – 6)

  1. कथन (A) पेज के अनुसार नैतिक नियम व्यक्ति का अंतरण उसके उचित और अनुचित का बोध है। कारण (R)SPSSन्यूमेटिकचर एवं अंक आते हैं।
    • A सही है, किन्तु R गलत है।
  2. कथन (A) प्रतिवेदन की प्रकृति तथा उद्देश्य का निश्चयन करना प्रतिवेदन लिखने का तरीका है। कारण (R) प्रतिवेदन लिखने एवं उसका जो रुपांकन करने की प्रक्रिया का स्तर है।
    • A और R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या है
  3. कथन (A) संदर्भ ग्रंथ सूची प्रतिवेदन के पीछे संलग्न स्रोत है। कारण (R) लेखक का नाम संदर्भ ग्रंथ के अंतर्गत आता है।
    • A और R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या है
  4. कथन (A) अनुमापक गुणात्मक तथ्यों को गुणानात्मक तथ्यों में परिवर्तित करने की प्रविधियां है। कारण (R) संपादन का अर्थ है एकत्रित की हुई आधार सामग्री का निरीक्षण और गलतियों में सुधार करना।
    • A और R दोनों सही है, परन्तु R, A की सही व्याख्या नही है।
  5. कथन (A) SPSS का प्रयोग शोध कार्य के लिए होता है। कारण (R) नैतिक नियम संपूर्ण समुदाय द्वारा स्वीकृति होते हैं, लेकिन समुदाय नहीं मानता है।
    • A सही है, किन्तु R गलत है।

शोध प्रारूप तथ्य संकलन की विधियाँ (भाग – 5)

Dec 2014

  1. प्रतिदर्श लेने में होने वाली चूक (कमी) को कम करने में सहायक होता है – प्रतिदर्श आकार में वृद्धि
  2. किस के उद्देश्य हेतु प्रतिदर्श चयन में लॉटरी विधि का उपयोग किया जाता है – यादृच्छिकीकरण

June 2015

  1. सर्वेक्षण-शोध की तुलना में संरचनात्मक अवलोकन का प्रमुख लाभ – यह शोधकर्ता को व्यक्तियों के व्यवहार का सीधा अवलोकन करने में सहायक होता है।
  2. “विज्ञान जीवन के लिए है, जीवन विज्ञान के लिए नहीं है” यह कथन किस के महत्व पर बल देता है। – कार्य अनुसंधान
  3. ऐसी विधि, जो किसी समुदाय, संगठन, समूह इत्यादि की व्यवस्थित तथा विस्तृत अध्ययन पद्धति है, ताकि किसी सामाजिक समस्या का विश्लेषण किया जा सके तथा निदानात्मक संस्तुतियाँ प्रस्तुत की जा सके। किस रूप में जाना जाता है – सर्वेक्षण पद्धति
  4. निदर्शन है – समग्र जिसमें प्रतिदर्श चयनित किया जाता है कि सभी इकाइयों की सूची

Dec 2015

  1. “एक तथ्य केवल एक यादृच्छिक प्रेक्षण नहीं है, बल्कि घटना के बारे में एक अनुभाविक एक प्रमाणित वकतव्य है यह कथन किसका है – विलियम जे. गुडे एवं पॉल के. हट

Aug 2016

  1. एक प्रश्नावली के निर्माण में उचित कथन
    • प्रश्न हमेशा संक्षिप्त होने चाहिए।
    • प्रत्येक प्रश्न द्वारा एक विषय को संबोधित किया जाना चाहिए।
    • ऐसे प्रश्न बनाने चाहिए जिनका उत्तर उत्तरदाता सुविधा से दे सके।
  2. आंकड़ा संकलन कीसाक्षात्कारविधि के संबंध में
    • यह किफायती नहीं है।
    • समानता साक्षात्कारकर्ताके पूर्व परीक्षण एवं कौशल की आवश्यकता होती है।
  3. किसी शोध रिपोर्ट/अनुसंधान आलेख के अच्छे शिर्षक में क्या विशेषताएं होनी चाहिए?
    • वह सुस्पष्ट होना चाहिए।
    • वह पाठक का ध्यान आकर्षित करने वाला होना चाहिए।
    • उसे संक्षिप्त होना चाहिए पर विषय या आकस्मिक नहीं।

विभाग की परिभाषा

Jan 2017

  1. अनुसंधान प्रतिवेदन के सारांश भाग में शामिल है
    • संक्षेप में अनुसंधान समस्या
    • शोध पद्धति
    • प्रमुख निष्कर्ष
  2. सरकार द्वारा गठित आयोग तथा समितियों द्वारा जांच कार्य हेतु किस विधि का उपयोग किया जाता है – व्यक्तिक साक्षात्कार
  3. आंकड़ा संकलन की साक्षात्कार विधि के गुणों के विषय में
    • यह विधि जानकारी प्राप्त करने हेतु अधिक लचीलापन प्रदान करती है।
    • इसमें सरल तरीके से व्यक्तिक जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
    • मौखिक पुत्रों को रिकॉर्ड करने के लिए अवलोकन विधि का भी उपयोग किया जा सकता है।

Nov 2017

  1. किस में प्रतिदर्शन अशुद्धि अनुपस्थित है – जनगणना सर्वेक्षण
  2. आंकड़ों के संपादन की प्रक्रिया के संबंध में
    • यह आंकड़ो की काट- छांट करने की एक प्रक्रिया है।
    • इसमें कूटबद्धता के लिए आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।
    • संपादन में कूटबद्धता समस्या से बचने में सहायता मिलती है।

Jul 2018

  1. साक्षात्कार पद्धति में गुण के बारे में
    • अधिक उत्तर प्राप्त होना।
    • उत्तरोंकी अधिक विश्वसनीयता।
    • अनुपूरक जानकारी का प्राप्त होना।
  2. लोस्ली किश के अनुसार प्रतिदर्श ढांचे की मूल समस्या है?
    • लापता तत्व, -बाह्य तत्व, -दोहरीप्रविष्टियां, -समूह क्लस्टर

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