राज्य प्रशासन का संवैधानिक रुपरेखा (भाग -3)

41. भारत में राज्य सरकार की कार्य संचालन नियमावली के पालन के लिए कौन उत्तरदायी है? – राज्य सरकार के मुख्य सचिव

  • मुख्य सचिव को राज्य के प्रशासन की धुरी कहा जाता है।
  • मुख्य सचिव अपने राज्य के संपूर्ण प्रशासनिक कार्यकलाप के संचालन एवं दक्षता के लिए जिम्मेदार होता है।

42. भारत सरकार के सचिव और राज्य प्रशासन के बीच सरकारी संचार का औपचारिक माध्यम होता है। – मुख्य सचिव

  • मुख्य सचिव अपनी केंद्र सरकार और अन्य राज्य सरकारों के मध्य संपर्क और संवाद का मुख्य माध्यम होता है
  • मुख्य सचिव राज्य सरकार के प्रवक्ता का कार्य भी करता है।
  • मुख्य सचिव राज्य सरकार का वरिष्ठतम लोक सेवक होता है।

43. मुख्य सचिव का अधिकार किसके समान होता है – भारत सरकार के सचिव

44. कुछ राज्य सरकारों के मंत्रीमंडल स्तर के मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के अतिरिक्त संसदीय सचिव भी होते हैं।ये संसदीय सचिव राज्य विधान मंडल के सदस्य होते हैं और उनकी नियुक्ति कौन करता है – राज्यपाल

45. भारत सरकार के किसी सचिव और राज्य प्रशासन के बीचशासकीय संवाद का औपचारिक चैनल है – मुख्य सचिव

राज्य प्रशासन का संवैधानिक रुपरेखा (भाग -2)

46. किसकी अनुशंसा पर वर्ष 1973 में राज्य के मुख्य सचिव पद को भारत सरकार के सचिव पद के समक्ष लाया गया था – केंद्रीय प्रशासनिक सुधार आयोग

47. राज्य के मुख्य सचिव के बारे में

  • वह राज्य मंत्री मंडल का सचिव है
  • वह राज्य की सिविल सेवाओं का प्रमुख है
  • वह राज्य के मुख्यमंत्री का प्रधानपरामर्शदाता है।

48. राज्य सचिवालय का कार्य

  • सार्वजनिक नीतियों के निर्माण में मंत्रियों को सहायता परामर्श देना।
  •  विभिन्न विकासात्मक कार्यों के समन्वय स्थापित करना।
  • विधायी प्रस्तावों की रूपरेखा तैयार करना।

49. राज्य सचिवालय के प्रशासन में मंत्रिमंडल को जाने वाली सभी फाइलें अन्ततः इसके माध्यम से जानी आवश्यक है – मुख्य सचिव

50. किसी राज्य सरकार के सचिवालय का प्रधान कार्य है – नीति निर्माण और उसकेकार्यन्वयन सहायता करना

51. राज्य सचिवालय का कार्य

  • मंत्री को नीति निरूपण में सहायता प्रदान करना
  • संप्रेषण का माध्यम के रूप में कार्य करना
  • विधायिका में प्रस्तुत किए जाने वाले विधान का प्रारूप तैयार करना

52. राज्य सचिवालय के विभाग में किस विभाग का प्रमुख ‘विशेष श्रेणी कालोकसेवक होता है? – लोक निर्माण विभाग

53. राज्य सचिवालय की परिभाषा – राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री एवं उनके मंत्रीपरिषद में सदस्यों को आवश्यक प्रशासनिक सहायता एवं परामर्श को उपलब्ध कराने के लिए जो प्रशासन निकाय कार्यशील है, उसे ही ‘राज्य सचिवालय’ के नाम से जाना जाता है।

54. राज्य प्रशासन में निदेशालय – एक कार्यकारी अभिकरण है

  • राज्य सचिवालय स्टाफ एजेंसी है जबकि निदेशालय लाइन एजेंसी
  • राज्य सचिवालय नीति निर्धारण कार्य से संबंध है और निदेशालय नीति के कार्यन्वयनसे
  • निदेशालय को कार्यकारी विभाग भी कहते हैं जो सचिवालय के विभागोंसे बिल्कुल अलग है

55. राज्य प्रशासन में एक निदेशालय का मुख्य उत्तरदायित्व होता है – नीतियों का कार्यन्वयन करना

स्टाफ, लाइन और सहायक एजेंसियां

56. राज्य प्रशासन के अधीन निदेशालयों के प्रमुख को अधिकांशत: किस पद नाम से पुकारा जाता है–निदेशक

  • निदेशालय का प्रधान एक निदेशक होता है
  • निदेशकअपर निदेशक संयुक्त निदेशकउपनिदेशकसहायक निदेशक

57. राज्य प्रशासन में निदेशालय किस लिए गठित किए गए थे कि वे – तकनीकी विशेषज्ञों की राय विभागों को दे सके

  • निदेशालय के प्रमुख जिला स्तर पर विभाग में स्टाफ द्वारा किए गए कार्यों का निरीक्षण करता है
  • निदेशालय के प्रमुख अपने अधिनस्थ कर्मचारियों पर अनुशासनिकशक्तियों का प्रयोग करता है

58. राज्योंके निदेशालय का कार्य

  • सरकार की नीतियों कोनिष्पादित करना
  • क्षेत्रीय अभिकरण का नियंत्रण करना
  • विकल्प यह प्रक्रिया के लिए आंकड़े एकत्रित करना

59. विधानमंडल में शामिल होते हैं

  • राज्यपाल, विधानसभा,विधानपरिषद, मुख्यमंत्री

60. सही कथन

  • साधारण विधेयक राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन में पुनः स्थापित किया जा सकता है।
  • यह किसी मंत्री या गैरसरकारी सदस्य द्वारा पेश किया जा सकता है।
  • संविधान में किसी विधेयक में मसौदे पर विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का उपबंध नहीं है।
  • धन विधेयक केवल विधानसभा में पुनः स्थापित किया जा सकता है ना कि विधानपरिषद में

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